Hot News

सोने की सही दिशा जान लें

गाजीपुर। अच्छी सेहत के लिए आपकी दिनचर्या में सही वक्त पर नींद लेना भी शामिल है। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया है कि सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए।. उत्तर की ओर सिर नहीं रखना चाहिए। क्योंकि पृथ्वी में चुंबकीय शक्ति होती है। इसमें दक्षिण से उत्तर की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती है। जब हम दक्षिण की ओर सिर करके सोते हैं, तो यह ऊर्जा हमारे सिर ओर से प्रवेश करती है और पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है। ऐसे में सुबह जगने पर लोगों को ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती है। अगर इसके विपरीत सिर कर सोने पर पृथ्वी की चुंबकीय धारा पैरों से प्रवेश करती है और सिर तक पहुंचती है। इस चुंबकीय ऊर्जा से मानसिक तनाव बढ़ता है और सवेरे जगने पर मन भारी-भारी रहता है। दक्षिण दिशा की ओर सिर रखने के फायदे दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना बेहतर माना गया है। ऐसी स्थ‍िति में स्वाभाविक तौर पर पैर उत्तर दिशा में रहेगा। शास्त्रों के साथ-साथ प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, सेहत के लिहाज से इस तरह सोने का निर्देश दिया गया है. यह मान्यता भी वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। वैसे पूरब की ओर भी सिर रख कर सोया जा सकता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार इस स्थि‍ति को बेहतर बताया गया है। दरअसल, सूरज पूरब की ओर से निकलता है। सनातन धर्म में सूर्य को जीवनदाता और देवता माना गया है. ऐसे में सूर्य के निकलने की दिशा में पैर करना उचित नहीं माना जा सकता. इस वजह से पूरब की ओर सिर रखा जा सकता है। एक बात और यह कि शास्त्रों में संध्या के वक्त, खासकर गोधूलि बेला में सोने की मनाही है।slider-1024x835

Author: Aajkal