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यह मंत्र दूर करेगा विकार

गाजीपुर। मंत्रों के जाप से व्यक्ति में सकारात्मकता का संचार होता है। मंत्र के जाप से हर प्रकार समस्या को दूर किया जा सकता है। सभी शास्‍त्रों में मंत्रों को बहुत ही शक्तिशाली और चमत्‍कारी माना जाता है। लेकिन सभी मंत्रों में ‘गायत्री मंत्र’ को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। गायत्री मंत्र चार वेदों से आया है और ये 24 शब्दांशों से बना है। जो सीधे आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। गायत्री मंत्र के जाप से नहीं बल्कि इसे सुनने मात्र से ही व्यक्ति के स्वास्थ्य को कई प्रकार से लाभ पहुंचते हैं। यह मंत्र सुबह या शाम को सूर्यास्त से पहले करना चाहिए।
गायत्री मंत्र: ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
गायत्री मंत्र के नियमित जाप से सकारात्मकता व तेज में वृद्धि होती है। परमार्थ में रुचि बढ़ती है । पूर्वाभास होने लगता है। नेत्रों में तेज आता है। सपने पूरे होने लगते हैं। व्यक्ति अपने गुस्से पर काबू कर शांत होता है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति के ज्ञान में वृद्धि होती है। किसी भी शुभ मुहूर्त में कांसे के पात्र में जलभर कर रख लें। उसके सामने लाल आसन पर बैठकर गायत्री मंत्र के साथ ऐं ह्रीं क्लीं का संपुट लगाकर गायत्री मंत्र का जप करें। जप के बाद जल से भरे पात्र का सेवन करने से गंभीर से गंभीर रोग का नाश होता है। यदि इसी जल को किसी अन्य रोगी को दिया जाए तो उसको भी बीमारी से राहत मिलेगी। गायत्री मंत्र से सभी को शुभ फल मिलता है लेकिन विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत लाभदायक है। प्रतिदिन इस मंत्र का 108 बार जाप करने से विद्यार्थी सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने से आसानी होगी। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन न लगना, याद किया याद न रहना, शीघ्रता से याद न होना आदि समस्याओं से मुक्ति मिलती है। सुबह स्नानादि कार्यों से निवृत्त होकर पति-पत्नि सफेद वस्त्र धारण कर यौं बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर गायत्री मंत्र का जप करें। इससे संतान संबंधी किसी भी समस्या से जल्दी मुक्ति मिलेगी। जिन दंपति को संतान पाने में कठिनाई आ रही है या उनसे दुखी हैं उन्हें लाभ मिलेगा। किसी को कार्य, नौकरी में सफलता नहीं मिलती, आमदनी कम है अौर व्यय अधिक हैं तो गायत्री मंत्र का जप करना बहुत फायदेमंद हैं। शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर विराजमान गायत्री माता का ध्यान कर गायत्री मंत्र के आगे और पीछे श्रीं सम्पुट लगाकर जप करने से गरीबी का नाश होता है। इसके साथ ही रविवार को व्रत किया जाए तो ज्यादा लाभ होता है।sannd-singh-mobile-1024x1010

Author: Aajkal